दोषमुक्ति-सजा वृद्धि में अपील प्रस्ताव प्रेषित करने में आने वाली कठिनाईयों को हल करना हम सबकी जिम्मेदारी : श्री मोहम्मद अकबर

 

लंबित प्रकरणों पर समय-सीमा में अपील प्रेषित करने के दिए निर्देश

विधि मंत्री ने जिला दण्डाधिकारियों और जिला अभियोजकों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की

रायपुर,  विधि-विधायी मंत्री श्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता मंे दोषमुक्ति अथवा सजा वृद्धि के संबंध में अपील प्रस्ताव किये जाने हेतु अपनायी जाने वाली प्रक्रिया पर आने वाली कठिनाइयों पर विचार कर एक समान प्रक्रिया निर्धारित करने बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री श्री अकबर के निवास कार्यालय में आज वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। वर्चुअल बैठक में महाधिवक्ता श्री सतीश वर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, विधि विभाग के प्रमुख सचिव श्री रामकुमार तिवारी, संचालक अभियोजन श्री प्रदीप गुप्ता सहित सभी जिलों के कलेक्टर और लोक अभियोजक उपस्थित थे। 

विधि मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने दोषमुक्ति अथवा सजा वृद्धि के संबंध में न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा में अपील प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और जिला अभियोजकों से कोर्ट में जजमेंट के बाद अपील करने की तिथि निर्धारित समय 30 दिन अथवा 60 दिन की तिथि तक इंतजार नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों में लंबित प्रकरणों, तथा माननीय न्यायलय से अस्वीकृत प्रकरणों की भी जानकारी प्राप्त की। जिला कलेक्टरों और लोक अभियोजन अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट में जजमेंट के बाद तत्काल सर्टिफाइट कापी, बयान की कापी, चार्जसीट की कापी नहीं मिल पाती, उसके लिए अपील करने के बाद कहीं दो से तीन दिन, तो कहीं एक सप्ताह से 10 दिन का वक्त लग जाता है। जजमेंट के बाद कहीं-कहीं सत्य प्रतिलिपि तो मिल जाती है, लेकिन उसमें किसी का सील व साइन नहीं होता है। जिसके कारण अपील प्रस्ताव प्रेषित करने में विलंब होती है। विधि मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि माननीय न्यायालय महोदय से पहल करते हुए इस समस्या का हल निकालने का प्रयास किया जाएगा। 
श्री अकबर ने कहा कि लंबित प्रकरण अथवा अपील प्रस्ताव प्रेषित करने की प्रक्रिया में आने वाली कठिनाईयों दूर करना हम सबकी जिम्मेदारी है। विभाग को सर्तक रह कर समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि जिलों में लंबित प्रकरण शीघ्र महाधिवक्ता कार्यालय से समन्वय कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रकरणोें का जल्द निराकरण हो सके। 

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में दोषमुक्ति निर्णय के विरूद्ध अपील प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए प्रचलित व्यवस्था के तहत अपील प्रस्ताव विधि विभाग को समय पर प्राप्त नहीं हो पाती है। जिसके कारण माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष दोषमुक्ति के निर्णय के विरूद्ध अपील करने में विलंब होता है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर विलंब के संबंध में नाराजगी व्यक्त की जाती रही है। श्री अकबर ने कहा कि समस्त हितधारकों से विचार-विमर्श कर अपील प्रस्तुति के संबंध में ऐसी प्रक्रिया निर्धारित की जाए, जिससे समय-सीमा पर अपील प्रस्तुत हो सके। 

बैठक में श्री अकबर ने कहा कि दोषमुक्ति के विरूद्ध अपील अथवा अपर्याप्त दण्डादेश के विरूद्ध अपील के संबंध में प्रक्रिया का सरलीकरण किए जाने, प्रत्येक स्तर पर विलंब का परिहार कर समय-सीमा में विधि विभाग को अपील प्रस्ताव प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया जाए। वर्चुअल बैठक में अपील प्रस्ताव प्रेषित करने की प्रक्रिया में लोक अभियोजकों, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी तथा गृह विभाग के समक्ष आने वाली कठिनाईयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।